फिरोज़ सिद्धार्थी
मेहनत न हो दिनरात,तो पाई नहीं जाती
जो इल्म की दौलत है,चुराई नहीं जाती
लोगों की ग़रीबी ये भला दूर हो कैसे
दौलत तो अमीरों से लुटाई नहीं जाती
आपस में करो बात के माहौल न बिगड़े
छोटी सी हुई बात बढ़ाई नहीं जाती
कुरआन ने हम सब को ये तालीम दिया है
औक़ात कभी अपनी दिखाई नहीं जाती
ये बात तो दुनिया के सभी लोग हैं कहते
बस,दोस्ती मतलब की निभाई नहीं जाती
हर कोई परेशान दिखे वक्त पे ऐसे
अफवाह ज़माने में उड़ाई नहीं जाती
दुनिया की हक़ीक़त को जो इंसान समझता
अन्दर से कभी उस के भलाई नहीं जाती
जनता भी हक़ीक़त से ये अंजान है फ़ीरोज़
सच्चाई तो कभी सामने लाई नहीं जाती

